समुद्री प्रेक्षण प्रणाली

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तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के सतत विकास और महासागर की जानकारी और परामर्शी सेवाओं के सृजनके लिए महासागर की संरचना और गतिशीलता को समझने, महासागर और जलवायु के पूर्वानुमानमें सुधार करने के लिएएक व्यापक समुद्री प्रेक्षण नेटवर्क कार्यक्रम आरंभ किया गया था। वर्तमान मेंप्रचालितमहासागर अवलोकन प्रणालियों को मोटे तौर पर इनमें वर्गीकृत किया जा सकता है (1) स्वतस्था्ने प्रेक्षण प्रणालियां जो विशिष्ट स्थानों पर या जहाजट्रैको के साथ-साथसमय में आए परिवर्तनों को ग्रहण करती है। (2) उपग्रह-आधारित रिमोट सेंसिंगप्रणालियां जो स्थाटनिक और कालिक परिवर्तनों को ग्रहण करते है, जो सिनॉप्टिनकली, सतह तथा उपसतह शाखाओं के रूप में बंटी हुई है। इस अवधि के दौरान,डेटा की पुनर्प्राप्ति में स्वनस्थाटनेप्लेटफार्मों और उपग्रह प्रणालियों और सहवर्ती क्षमताओं के मिश्रण के साथ समुद्री प्रेक्षण प्रणालियों में महत्वपूर्ण प्रगति की गई है।उपसतह सेंसर केअलावा, 500 मीटरगहराई तक, उपसतहसेंसरों के साथ नौबंधोंडेटाब्वाणयों कोबंगाल की खाड़ी में तैनात किया गया और निरंतर मापन लिया गया।इसके अलावा,डेटाब्वॉगय और सुनामीब्वॉ य देश में ही विकसित किए जा रहे हैं।योजना अवधि में बनाई गई योजना की तुलना में तैनाती का विवरण इस प्रकार हैं :

प्लेटफार्म के प्रकारलक्ष्यजून 2018 तक कमीशन कियाजून 2018 के दौरान प्राप्त डेटा
आरगो फ्लोट200360142
ड्रिफटर्स1501085
नौबंधब्वॉवय162218
ज्वार मापी363628
उच्च आवृत्ति (एच एफ) रेडार101211
धारा मीटर ऐरे10112
ध्वनिक डॉपलर धारा प्रोफाइलर (एडीसीपी)202017
सुनामीब्वॉबय794
वेव राइडर ब्वॉय162210

* शेष फ्लोट /ड्रिफटर्स ने अपने जीवनकाल पूरा कर लिया हैऔर ऐसा कोई डेटा उनसे प्राप्त नहीं किया जा सकता है।

Last Updated On 08/09/2019 - 11:46
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