कैपीक्सम

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बादल एयरोसोल परस्‍पर क्रिया और वर्षा संवर्धन प्रयोग (सीएआईपीईईएक्‍स) : 2009-11 के दौरान मानसून अवधि में कैपीक्‍स के संचालन के लिए एक उपकरण युक्‍त विमान किराए पर लिया गया था। यह राष्ट्रीय परीक्षण तीन चरणों में किया जा रहा है। 2009 और 2010 की मानसून ऋतु में क्रमशः प्रथम चरण और द्वितीय चरण के कैपीक्‍स सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। 2011 की मानसून ऋतु में तीसरा चरण आयोजित किया जाएगा। एरोसोल प्रेक्षणों, बादल भौतिकी तथा बादल-मॉडलिंग के क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी राष्‍ट्रीय संस्‍थानों तथा विश्‍वविद्यालयों ने प्रयोग में भाग लिया। पहली बार बादल सूक्ष्म भौतिकी का एक संपूर्ण डेटा और एयरोसोल के ऊर्ध्‍वाधर प्रोफाइल एकत्र किए गए है। डेटा की गुणवत्ता को नियंत्रित किया गया और प्रयोग के पूरा होने के एक माह के भीतर भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के लिए उपलब्ध कराया गया। इस प्रयोग ने भारत में वायुमंडलीय विज्ञान के अवलोकन क्षेत्र में एक नए युग की शुरूआत की है।

Last Updated On 11/02/2015 - 11:16
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